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Major sanctuaries of Jharkhand - झारखंड के प्रमुख अभ्यारण

Major sanctuaries of Jharkhand - झारखंड  के प्रमुख अभ्यारण

The sanctuaries of Jharkhand and where they are located, when they were established and wildlife are found from every angle, today we will tell you in detail through our post.

Major sanctuaries of Jharkhand - झारखंड  के प्रमुख अभ्यारण


झारखंड  के प्रमुख अभ्यारण
आपको ये बता देना चाहते है की झारखंड राज्य का गठन 15 नवम्बर 2000 को किया गया था , झारखंड एक आदिवासी बहुल राज्य है जिसके कारण से झारखंड मई वनो की संख्या ज्यादा है आपको ये पता होना चाहिए की आदिवासी ल्लोग ही वनो की पुजा करते है इस लिए झारखंड मई वनो ओर हरे भरे अभ्यारणओ की संख्या ज्यादा है 

झारखंड  के प्रमुख अभ्यारण
आपको ये बता देना चाहते है की झारखंड राज्य का गठन 15 नवम्बर 2000 को किया गया था , झारखंड एक आदिवासी बहुल राज्य है जिसके कारण से झारखंड मई वनो की संख्या ज्यादा है आपको ये पता होना चाहिए की आदिवासी ल्लोग ही वनो की पुजा करते है इस लिए झारखंड मई वनो ओर हरे भरे अभ्यारणओ की संख्या ज्यादा है

झारखंड मै  अभ्यारण की संख्या

झारखंड मै कुल  मिलाकर  11  अभ्यारण है ये 11  अभ्यारण झारखंड के 11 जिलो मै फैले हुये है ।  ओर आपको ये जानना चाहिए की झारखंड के अभ्यारण हरे भरे होते है , यानि यहा के अभ्यारण बहुत ही घने होते है जिसके कारण से यहा  बहुत ही खतरनाक जानवर पाये जाते है झारखंड अभ्यारण मै खास तोर पर बाघ , तेंदुवा , हाथी , भेड़िया , चीता , लंगूर  सांभर , बुलबुल , कबूतर , बिबिध प्रकार के पक्षीया पाये जाते है ।


सूची बद्ध झारखंड के अभ्यारण


1 बेतवा नेशनल अभ्यारण  वेतवा नेसनल अभ्यारण यह झारखंड राज्य के लातेहार जिले मै उपस्थित है यह एक राष्ट्रीय नेसनल पार्क है इसकी स्थापना 1986 मै किया था जब झारखंड बिहार मै हुआ करता था

2 हजारीबाग अभ्यारण – हजारीबाग अभ्यारण यह झारखंड का दूसरा अभ्यारण है यह हजारीबाग जिले मै है इसकी स्थापना 1976 मै किया गया था , इस अभ्यारण मै खास तोर पर तेंदुआ पाया जाता है ।

3 दलमा अभ्यारण :- दलमा अभ्यारण यह पूर्बी सिंघभूम जिले मै है इसकी स्थापना 1976 मै किया गया था ओर इस अभ्यारण मै खास तोर पर हाथी पायी जाती है ।

4 तोपचाची अभ्यारण :- तोपचाची अभ्यारण यह अभ्यारण धनबाद जिले मै है इसकी स्थापना 1978 मै किया गया था , इस अभ्यारण मै  प भेड़िया , चीता , लंगूर आदि पाया जाता है ।

5  महुआ टाँड़ वोल्फ अभ्यारण :- यह अभ्यारण लातेहार जिले मै है इसकी स्थापना 1976 मै किया गया था , यहा खास तोर लोग भेड़िया देखने के लिए आते है

6 परशनाथ अभ्यारण :- परशनाथ अभ्यारण गिरिडीह मै है इस की स्थापना 1981 मै किया गया था , यह अभ्यारण तेंदुआ ओर सांभर के लिए प्रशिध है

7 कोडरमा अभ्यारण :- कोडरमा का अभ्यारण कोडरमा मै ही है इसकी स्थापना 1985 मै किया गया था , इस अभ्यारण मै चीता ओर हिरण पाया जाता है

8 गोतमबुध अभ्यारण :- ये भी कोडरमा मै ही है इसकी स्थापना 1871 मै किया गया था यहा पाये जानी वाली प्रमुख जानवर है चीता

9 लवालोंग अभ्यारण :  लवलोंग  का अभ्यारण चतरा  मै है इसकी स्थापना 1978 मै किया गया था , इस अभ्यारण मै चीता ओर बाघ पाया जाता है

10 पालकोट अभ्यारण :- पालकोट  का अभ्यारण गुमला  मै है इसकी स्थापना 1990  मै किया गया था , इस अभ्यारण मै चीता ओर तेंदुआ  पाया जाता है

11 उधवा लेक बर्ड :- उधवा का बर्ड लेक  साहेबगंज  मै  है इसकी स्थापना 1991  मै किया गया था , यह एक वर्ड लेक है यहा बहुत प्रकार के पंक्षिया  पायी जाती है ये झारखंड का एक मात्र वर्ड लेक है  जाता है

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